Dhananjay Nabhi Ittar
धनंजय नाभि इत्र कलयुग में साक्षात देविक कृपा के सामान है , इसे शुक्र गृह के सवा लाख बीज मंत्र एवं वैदिक पूजन से अभिमंत्रित किया गया है मणिपुर चक्र में इतनी शक्ति का भंडार होता है की मनुष्य समस्त संसार का राज प्राप्त कर सकता है हमारे ग्रहों एवं हमारी दूषित जीवन पद्दति के कारण हम इस शक्ति से वंचित रह जाते है परन्तु जैसा धनंजय नाभि इत्र का नाम है वैसे ही इसके गुण "धनंजय" यानि के धन पर विजय प्राप्त करने वाला ,धनंजय नाभि इत्र का रोज़ाना प्रयोग करने से हमारा मणिपुर चक्र सक्रिय यानि के जागृत होना प्रारम्भ हो जाता है जिस से हर वह चीज़ जो आप अर्जित करना चाहते है वह आपकी तरफ आकर्षित होने लगती है और देवकृपा से आप चंद दिनों में उस चीज़ का स्वामित्व प्राप्त कर लेते है चाहे वह धन , शोहरत , प्रेम हो या अन्य कोई भी संसार का सुख। धनंजय नाभि इत्र के प्रयोग के बाद समस्त गृह एवं देविक शक्तियां आप की ओर आकर्षित होने लगती है जिस कारण आप "कोयले में हिरे " अर्थात लाखों में एक के सामान हो जाते हो। ध्यान रहे धनंजय नाभि इत्र के प्रयोग के समय अपनी अभिलाषाएं उच्तम एवं स्वच्छ रखें जिस से आपको हमेशा सुख की प्राप्ति होती रहे