Aditya Tilak
आदित्य तिलक सिर्फ तिलक नहीं बल्कि सनातन पध्दति एवं मंत्र शक्ति का प्रतीक है । वैसे तो प्रत्येक सनातनी तिलक के महत्व को जानता है परन्तु कुछ लोग अज्ञानता के कारण ओर कुछ ज्ञाता लोग तिलक के गिरते मानक के कारण इस पध्दति से दूर होते जा रहे है। पर ध्यान रहे सिर्फ तिलक धारण करने मात्र से नवगृह शांति एवं देवांश की प्राप्ति का उल्लेख वेदो में किया गया है इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता की सही विधि से तिलक धारण करने वाले व्यक्ति को तीनो लोको में कोई पराजित नहीं कर सकता। आदित्य तिलक सवा लाख सूर्य भगवान का बीज मंत्र एवं वैदिक पूजन से अभिमंत्रित किया गया एवं आदित्य तिलक में वेदो से उल्लेख दिव्य एवं उच्तम पदार्थो का इस्तमाल किया गया है जिसके धारण करने मात्र से व्यक्ति सूर्य भगवान के भांति चमकने लगता है ओर उसकी चमक से संसार को भी लाभ प्राप्त होता है । आदित्य तिलक सभी कार्य स्थल पर काम करने वालो के लिए उपयोगी है परन्तु जो लोग राजनीती , अभिनय क्षेत्र , खेल जगत और कला व् संपादन क्षेत्र में है उनके लिए ये तिलक रामबाण के सामान है। भगवान आदित्य नारायण की कृपा के इलावा सभी ग्रह की कृपा प्राप्त होती है एवं देवांश की प्राप्ति भी निश्चित हो जाती है